हमीरपुर में दिल दहला देने वाली घटना: प्रेमी की मौत से टूटा प्रेमिका का दिल, फंदे से लटककर दी जान
हमीरपुर में एक ऐसी दुखद घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। एक युवती ने अपने प्रेमी की मौत की खबर सुनते ही घर में फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। परिजनों ने उसे फंदे से उतारकर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह पूरा मामला प्रेम, दुख और टूटे रिश्तों की एक दर्दनाक कहानी बयां करता है।
क्या है पूरा मामला?
मीरपुर के बसंत नगर में रहने वाले 25 साल के पंकज यादव को पिछले साल 11 दिसंबर को दिल का दौरा पड़ा था। हालत गंभीर होने पर उसे पहले सदर अस्पताल ले जाया गया, फिर वहां से कानपुर रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान गुरुवार की रात पंकज की मौत हो गई। शुक्रवार सुबह उसका शव कस्बे में लाया गया। इस खबर ने उसकी 22 साल की प्रेमिका आशी (जिसे रोहणी के नाम से भी जाना जाता था) को अंदर तक तोड़ दिया। जैसे ही उसे अपने प्रेमी के निधन की सूचना मिली, उसने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
परिजनों ने आशी को फंदे पर लटकते देखा तो आनन-फानन में उसे उतारा और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। लेकिन वहां डॉक्टरों ने बताया कि उसकी सांसें थम चुकी हैं। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला गया था
प्यार और विवादों की अधूरी कहानी
आशी और पंकज का रिश्ता कोई नया नहीं था। करीब 10 महीने पहले आशी ने पंकज से शादी करने की जिद में थाने तक हंगामा किया था। लेकिन पंकज पहले से शादीशुदा था और उसने शादी से इनकार कर दिया। आशी इसके बावजूद उससे शादी करने पर अड़ी रही। परिजनों के दबाव में उसने पंकज के खिलाफ दुष्कर्म का केस भी दर्ज करवाया था। बाद में पंकज जमानत पर बाहर आ गया, लेकिन दोनों का प्यार कम नहीं हुआ और उनका रिश्ता चलता रहा।
पंकज की मौत के बाद उसकी पत्नी पुष्पा और तीन महीने के बेटे अनमोल का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, थानाध्यक्ष अनूप सिंह ने बताया कि युवती की मौत फंदे से लटकने की वजह से हुई है और मामले की जांच की जा रही है।
दूसरी घटना: गैंगस्टर एक्ट में गैंग लीडर को सजा
हमीरपुर में एक अन्य मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत गैंग लीडर को सजा सुनाई गई है। गैंग बनाकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले जियालाल उर्फ श्रवण कुमार को विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार शासन ने दो साल 35 दिन की सख्त सजा और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार त्रिपाठी के मुताबिक, जियालाल अपने साथियों पप्पू उर्फ शिवकुमार और महेंद्र राजपूत के साथ मिलकर अपराध करता था। ललपुरा पुलिस ने इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। शुक्रवार को कोर्ट ने गैंग लीडर को सजा सुना दी।
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