बॉलीवुड के ‘शहजादे’ कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan) के लिए यह क्रिसमस शायद ही ‘Merry’ साबित हुआ हो। उम्मीदों का पहाड़ और धर्मा प्रोडक्शंस (Dharma Productions) का बड़ा बैनर भी फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ (Tu Meri Main Tera Main Tera Tu Meri) को डूबने से नहीं बचा पा रहा है। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की हालत तीसरे दिन ही ‘वेंटिलेटर’ पर आ गई है।
जहां एक तरफ रणबीर कपूर और रणवीर सिंह जैसे सितारे बॉक्स ऑफिस पर 500-600 करोड़ की बातें कर रहे हैं, वहीं कार्तिक की यह रोमांटिक कॉमेडी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में बुरी तरह नाकाम साबित हो रही है। आइए, एक खोजी पत्रकार की नज़र से देखते हैं कि आखिर कहां हुई चूक और क्या कहते हैं तीसरे दिन के ये चौंकाने वाले आंकड़े।
बॉक्स ऑफिस का ‘काला सच’: तीसरे दिन की कमाई ने तोड़ा दम
रिलीज़ से पहले जिस तरह का ‘बज़’ बनाया गया था, उसे देखते हुए लग रहा था कि कार्तिक आर्यन फिर से कोई जादू करेंगे। लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली। फिल्म ने 25 दिसंबर को ₹7.75 करोड़ की ओपनिंग ली, जो कार्तिक के स्टारडम के हिसाब से ‘एवरेज’ थी। लेकिन असली खेल तब बिगड़ा जब दूसरे और तीसरे दिन फिल्म ने रफ़्तार पकड़ने के बजाय घुटने टेक दिए।
Key Points:
- Day 1 (Opening): ₹7.75 करोड़ (उम्मीद से कम)
- Day 2 (Drop): भारी गिरावट के साथ ₹5.25 करोड़
- Day 3 (Saturday): सिर्फ ₹5.50 – ₹6.75 करोड़ (अनुमानित)
- Total Collection: लगभग ₹18.25 – ₹21 करोड़
तीसरे दिन यानी शनिवार को आम तौर पर फिल्मों की कमाई में 40-50% का उछाल आता है, लेकिन ‘तू मेरी मैं तेरा…’ के मामले में यह उछाल न के बराबर रहा। जनता ने फिल्म को सिरे से नकार दिया है।
‘धुरंधर’ और ‘अवतार 3’ के सामने नहीं टिक पाए कार्तिक
बॉक्स ऑफिस एक युद्ध का मैदान है और इस बार कार्तिक आर्यन निहत्थे साबित हुए। एक तरफ रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ (Dhurandhar) बॉक्स ऑफिस पर सुनामी बनी हुई है, जिसने तीसरे हफ्ते में भी अपनी पकड़ मज़बूत रखी है। वहीं, हॉलीवुड की ‘Avatar: Fire and Ash’ भी दर्शकों की पहली पसंद बनी हुई है।
इन दो बड़े तूफानों के बीच, कार्तिक और अनन्या की यह ‘हल्की-फुल्की’ प्रेम कहानी दर्शकों को बासी कढ़ी जैसी लग रही है।
कंटेंट में कहां हुई चूक? (Investigative Analysis)
समीर विद्वांस, जिन्होंने ‘सत्यप्रेम की कथा’ जैसी संवेदनशील फिल्म दी थी, इस बार चूक गए। फिल्म को देखने वाले दर्शकों और क्रिटिक्स का एक ही कहना है—“यह फिल्म 2025 में 1990 का ड्रामा क्यों दिखा रही है?”
Key Points:
- घिसी-पिटी कहानी: अमीर लड़का, मॉडर्न लड़की और शादी का ड्रामा—यह फॉर्मूला अब एक्सपायर हो चुका है।
- आउटडेटेड कॉमेडी: जो जोक्स कभी हंसाते थे, आज वो ‘Cringe’ लगते हैं।
- ओवर-एक्टिंग का तड़का: कार्तिक आर्यन को कई जगह अक्षय कुमार और रणबीर कपूर की नकल करते हुए पाया गया, जो दर्शकों को रास नहीं आया।
संगीत या शोर? रीमेक गानों ने किया बेड़ा गर्क
फिल्म का संगीत भी इसकी डूबती नैया को नहीं बचा पाया। ‘सात समंदर पार’ जैसे क्लासिक गाने का रीमेक बनाना मेकर्स को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर इसे लेकर जबरदस्त ट्रोलिंग हो रही है। ओरिजिनल गानों की कमी और जबरदस्ती ठूंसे गए रीमिक्स ने फिल्म की आत्मा को मार दिया है।
अनन्या पांडे: क्या सिर्फ ‘ग्लैमर’ काफी है?
अनन्या पांडे (Ananya Panday) ने फिल्म में अपनी तरफ से पूरी कोशिश की है, और कुछ इमोशनल सीन्स में उनकी तारीफ भी हो रही है। लेकिन जब स्क्रिप्ट ही कमजोर हो, तो एक कलाकार कितना ही बोझ उठा लेगा? उनकी और कार्तिक की केमिस्ट्री को ‘पति पत्नी और वो’ में पसंद किया गया था, लेकिन इस बार वह जादू नदारद है।
सोशल मीडिया पर जनता का फैसला: ‘पैसा बर्बाद’
ट्विटर (X) और इंस्टाग्राम पर #TuMeriMainTeraMainTeraTuMeri ट्रेंड तो कर रहा है, लेकिन गलत वजहों से। मीम्स की बाढ़ आ गई है। कोई इसे “सिर दर्द” बता रहा है, तो कोई इसे “कार्तिक के करियर की सबसे कमजोर फिल्म” कह रहा है।
Key Points:
- “धर्मा प्रोडक्शंस को अब जागने की जरूरत है, स्टार किड्स और रिसाइकिल स्क्रिप्ट्स से काम नहीं चलेगा।”
- “कार्तिक भाई, ‘भूल भुलैया 3’ के बाद यह क्या कर दिया?”
आगे की राह: क्या संडे को होगा चमत्कार?
अब सबकी निगाहें रविवार (Day 4) के कलेक्शन पर टिकी हैं। अगर फिल्म ने संडे को ₹8-10 करोड़ का आंकड़ा नहीं छुआ, तो सोमवार से इसका डिब्बा बंद होना तय है। ट्रेड पंडितों का मानना है कि फिल्म का लाइफटाइम कलेक्शन ₹50 करोड़ के अंदर ही सिमट सकता है, जो कि फिल्म के बजट और स्टार कास्ट को देखते हुए एक बड़ी असफलता (Disaster) होगी।
स्टारडम नहीं, कंटेंट ही किंग है
‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ का हश्र यह साबित करता है कि अब सिर्फ बड़े नाम और त्योहार की छुट्टी फिल्म हिट कराने के लिए काफी नहीं हैं। दर्शक स्मार्ट हो चुके हैं। वे अपना पैसा और वक्त वहीं खर्च करेंगे जहां उन्हें कुछ नया और बेहतरीन मिलेगा। कार्तिक आर्यन के लिए यह एक ‘Reality Check’ है कि उन्हें अपनी स्क्रिप्ट्स का चुनाव और सावधानी से करना होगा।
फिलहाल, बॉक्स ऑफिस के आंकड़े यही चीख-चीख कर कह रहे हैं—ये फिल्म तो गई पानी में!
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