ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए क्रूर आतंकी हमले के ठीक 14 दिनों बाद, भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पीओके में घुसकर आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इस ऑपरेशन ने न सिर्फ आतंकवादियों को करारा जवाब दिया, बल्कि भारत की सैन्य क्षमता और संकल्प को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया। अगर आप पहली बार इस नाम के बारे में सुन रहे हैं, तो यह लेख आपको शुरुआत से अंत तक हर डिटेल देगा।

पहलगाम हमला: ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत

सब कुछ 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के एक शांत गांव से शुरू हुआ। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकियों ने अचानक हमला बोल दिया। हमलावरों ने लोगों से उनका धर्म पूछा और निर्दोषों को मौत के घाट उतार दिया। इस कायराना हरकत में 26 लोग मारे गए, जिनमें कई महिलाएं और बच्चे शामिल थे

ट्रायड फोर्स (TRF) ने हमले की जिम्मेदारी ली, जो लश्कर-ए-तैयबा का ही एक हिस्सा है। पाकिस्तान ने इसे नकारा, लेकिन सबूत साफ थे। विवाहित महिलाओं का सिंदूर उजड़ गया था – यही दर्द ऑपरेशन सिंदूर का नाम बना। भारतीय सरकार ने फैसला किया कि अब चुप्पी तोड़नी होगी। चार दिनों के भीतर तैयारी पूरी हुई और 6-7 मई की रात को ऐतिहासिक कार्रवाई शुरू हो गई।

यह हमला सिर्फ संख्या का खेल नहीं था। यह भारत की संप्रभुता पर सीधा प्रहार था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे “बार्बरिक क्रॉस-बॉर्डर अटैक” कहा और सेना को हरी झंडी दे दी।

ऑपरेशन सिंदूर का मतलब और नामकरण की कहानी

ऑपरेशन सिंदूर का कोडनेम बहुत सोच-समझकर चुना गया। हिंदी में “सिंदूर” शादी का प्रतीक है, जो सौभाग्य और मजबूती का। पहलगाम में उजड़े सिंदूरों का बदला लेने के लिए यह नाम चुना गया। सैन्य ऑपरेशनों के नाम अक्सर सांकेतिक होते हैं – जैसे ऑपरेशन विजय या मेघदूत। यहां सिंदूर ने भावनात्मक जुड़ाव दिया।

ऑपरेशन 7 मई 2025 को लॉन्च हुआ। भारतीय वायुसेना, सेना और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स ने समन्वित तरीके से काम किया। कोई पाकिस्तानी सैन्य या नागरिक ठिकाना निशाना नहीं बनाया गया – सिर्फ आतंकी कैंप।  भारत ने इसे “फोकस्ड, मेजर्ड और नॉन-एस्केलेटरी” बताया

ऑपरेशन की पूरी टाइमलाइन: मिनट-टू-मिनट डिटेल्स

7 मई रात 12 बजे: राफेल फाइटर जेट्स ने उड़ान भरी। ब्रह्मोस मिसाइलें लोड थीं। पहला टारगेट – पाकिस्तान के पंजाब प्रांत और पीओके के 9 आतंकी लॉन्च पैड। जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के ठिकाने ध्वस्त

सुबह 2 बजे: हमले सफल। सैटेलाइट इमेजेस ने पुष्टि की – कैंप तबाह। पाकिस्तान ने दावा किया कि मस्जिदें हिट हुईं, लेकिन भारत ने सबूत दिए कि सिर्फ आतंकी साइट्स।

8 मई: पाकिस्तान ने जवाबी ड्रोन और मिसाइल अटैक किए। श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट जैसे 12 जगहों पर। लेकिन भारत का S-400 एयर डिफेंस और एक्टिव काउंटर-ड्रोन ग्रिड ने सब निष्फल कर दिया। डेब्री से पाकिस्तानी ओरिजिन साबित।

LoC पर गोलीबारी: पाक ने आर्टिलरी फायरिंग की, जिसमें 16 निर्दोष मारे गए। भारत ने समान जवाब दिया।

10 मई: पाकिस्तान का DGMO ने भारत से संपर्क किया। सीजफायर पर सहमति – शाम 5 बजे से। लाहौर और गुजरांवाला के रडार डिस्ट्रॉय हो चुके थे।

यह सिर्फ 4 दिनों का ऑपरेशन था, लेकिन असर लंबा। पाकिस्तान के 75वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड के कमांडर ने मोस्जिद में शरण ली!

इस्तेमाल हुए हथियार और तकनीक: भारत की ताकत

ऑपरेशन में भारत ने आत्मनिर्भर हथियार दिखाए:

ब्रह्मोस मिसाइल: सुपरसोनिक, 100 किमी रेंज। राफेल से लॉन्च।

राफेल जेट्स: गोल्डन एरो स्क्वाड्रन। ग्रुप कैप्टन रंजीत सिंह सिद्धू ने लीड किया।

S-400 सिस्टम: ग्रुप कैप्टन अनिमेष पटनी ने पाक जेट्स गिराए।

कोई विदेशी मदद नहीं – सब मेड इन इंडिया। MBDA के स्कैल्प मिसाइल भी यूज हुए, जो इराक-लीबिया में टेस्टेड

मुख्य हीरो: वीर चक्र विजेता जांबाज

ग्रुप कैप्टन रंजीत सिंह सिद्धू: राफेल से 3 मिशन, पाक एयरबेस पर ब्रह्मोस। वीर चक्र

ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा: मिसाइलों से बचते हुए टारगेट हिट। नाइट फ्लाइंग एक्सपर्ट।

ग्रुप कैप्टन अनिमेष पटनी: S-400 से पाक विमान डाउन।

कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह: प्रेस ब्रिफिंग में एकता का संदेश

NDTV ने 2025 में इंडियन आर्म्ड फोर्स को “इंडियन ऑफ द ईयर” चुना।

Share this content:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *