मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को बिहार सरकार की तीसरी कैबिनेट बैठक मुख्य सचिवालय में आयोजित की गई। यह बैठक न केवल जनअपेक्षाओं से जुड़ी थी, बल्कि इसमें राज्य के युवाओं, बेरोजगारों और विकास कार्यक्रमों पर सीधे असर डालने वाले प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।सरकार ने साफ संकेत दिया है कि आने वाले महीनों में नौकरी और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर प्रमुख फोकस रहेगा। कैबिनेट ने कई नए विभागीय प्रस्तावों को हरी झंडी दी, जिनका उद्देश्य राज्य में युवाओं की स्किल डेवलपमेंट को गति देना है।
रोजगार और स्किल डेवलपमेंट पर केंद्रित फैसले
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण चर्चा स्किल डेवलपमेंट मिशन को लेकर हुई। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि हर जिले में एक “जिला कौशल केंद्र (District Skill Centre)” स्थापित किया जाएगा, जहां युवाओं को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप ट्रेनिंग दी जाएगी।
हर केंद्र में सालाना 5,000 युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य।
आईटी, कृषि, निर्माण कार्य और डिजिटल सर्विसेज जैसे सेक्टरों में स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू होंगे।
प्रशिक्षण के बाद राज्य सरकार द्वारा रोजगार से जोड़ने के लिए इंटर्नशिप और प्लेसमेंट सहायता दी जाएगी।
इस योजना के लिए 500 करोड़ रुपये का विशेष फंड स्वीकृत किया गया है जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर अवसर मिल सकें।

नौकरी और भर्ती से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी
नीतीश सरकार ने इस बैठक में कई विभागों में नई भर्तियों की भी घोषणा की। प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए पुलिस, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में हजारों पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।
शिक्षा विभाग में 40,000 शिक्षकों की नियुक्ति शीघ्र।
स्वास्थ्य विभाग में 5,000 नर्स और पैरामेडिकल पद खुले जाएंगे।
Systematic Withdrawal Plan (SWP) calculator
राजस्व और भूमि सुधार विभाग में तकनीकी सहायक कर्मियों की बहाली पर भी निर्णय हुआ।
सभी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से संचालित होगी।
नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए युवाओं को नौकरियों से जोड़ना पहला कदम है।
प्रशासनिक सुधार और ई-गवर्नेंस पर जोर
बैठक में प्रशासनिक कामकाज को डिजिटाइज करने और फाइल सिस्टम को ई-ऑफिस मोड में लाने पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नए वित्त वर्ष से पहले सभी विभागों को पेपरलेस ऑफिस की दिशा में कदम बढ़ाने होंगे।
सभी जिलों में ई-गवर्नेंस केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
आम जनता के लिए सेवा आवेदन पोर्टल को सरल और मोबाइल फ्रेंडली बनाया जाएगा।
शिकायत निवारण की प्रक्रिया को समयबद्ध किया जाएगा।
इसके अलावा, कई पुराने प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई ताकि लंबित योजनाओं की गति तेज हो सके।
महिलाओं और ग्रामीण विकास के लिए नई योजनाएं
बैठक में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर आधारित कुछ महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी गई।
“मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना” के तहत ग्रामीण महिलाओं को छोटे उद्योग शुरू करने के लिए ₹2 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
स्वयं सहायता समूहों (SHG) को अतिरिक्त ऋण सुविधा और मार्केट लिंक उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी, हस्तशिल्प और एग्रो इंडस्ट्री के लिए विशेष क्लस्टर विकास कार्यक्रम स्वीकृत हुआ।
नीतीश कुमार ने कही ये महत्वपूर्ण बातें
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा,
“बिहार में रोजगार सृजन हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। स्किल वाले युवाओं को नौकरी देने में हमें उद्योग जगत का भी सहयोग मिलेगा। हमने तय किया है कि प्रशासनिक व्यवस्था आधुनिक बने और जनता को हर सुविधा ऑनलाइन मिले।”
उन्होंने यह भी संकेत दिए कि आने वाले महीनों में और भी योजनाओं की घोषणा की जाएगी, जिनका केंद्र युवाओं और किसानों को बनाकर तैयार किया गया है।
बिहार के विकास की दिशा में यह बैठक मील का पत्थर
इस तीसरी बैठक के फैसले बताते हैं कि सरकार विकास के तेवर में है। रोजगार, स्किल डेवलपमेंट, महिला सशक्तिकरण, और डिजिटल प्रशासन — ये सभी क्षेत्र बिहार को अगले पांच सालों में नई ऊंचाई देने की दिशा में हैं।नीतीश सरकार का यह रुख स्पष्ट करता है कि राज्य को “रोजगार और कौशल का केंद्र” बनाने की रणनीति अब तेजी से लागू की जा रही है। आने वाले दिनों में इन योजनाओं का प्रभाव ज़मीनी स्तर पर दिखना शुरू होगा।
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