संजू सैमसन बनाम ईशान किशन: क्या फॉर्म पर भारी पड़ेगा भरोसा

भारतीय क्रिकेट में इस समय एक अजीबोगरीब स्थिति बनी हुई है। एक तरफ संजू सैमसन (Sanju Samson) हैं, जिनका बल्ला खामोश है और वो लगातार संघर्ष कर रहे हैं। दूसरी तरफ ईशान किशन (Ishan Kishan) हैं, जो मौके का फायदा उठाते हुए विस्फोटक पारियां खेल रहे हैं। सामान्य क्रिकेट लॉजिक कहता है कि जो रन बनाएगा, वो खेलेगा। लेकिन, भारतीय क्रिकेट के गलियारों से जो खबरें और समर्थन संजू सैमसन को मिल रहा है, उसने सभी समीकरणों को पलट कर रख दिया है।

Systematic Withdrawal Plan (SWP) calculator

ताजा रिपोर्ट और दिग्गजों के बयानों ने साफ संकेत दिए हैं कि ईशान किशन को अच्छे प्रदर्शन के बावजूद प्लेइंग 11 से बाहर बैठना पड़ सकता है, ताकि तिलक वर्मा (Tilak Varma) की वापसी हो सके और संजू सैमसन को ‘एक और मौका’ दिया जा सके।

यह रिपोर्ट 26 जनवरी 2026 तक के नवीनतम घटनाक्रम, न्यूजीलैंड सीरीज के प्रदर्शन और पूर्व कप्तानों के बयानों पर आधारित है।

संजू सैमसन: फ्लॉप शो और ‘गोल्डन डक’ का दबाव

न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा टी20 सीरीज संजू सैमसन के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रही है। उनके पिछले तीन स्कोर्स पर नजर डालें तो कहानी खुद ब खुद बयां हो जाती है: 10, 6 और 0। गुवाहाटी में हुए तीसरे टी20 में तो वे पहली ही गेंद पर ‘गोल्डन डक’ का शिकार हो गए।

आमतौर पर, भारतीय टीम में इतनी कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच लगातार तीन फ्लॉप पारियों का मतलब होता है—बेंच पर वापसी। आलोचक और फैंस सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक संजू को ‘प्रतिभा’ के नाम पर मौके मिलते रहेंगे? तकनीक में खामियां भी उजागर हो रही हैं खासकर स्विंग होती गेंदों और लेग-मिडल लाइन पर, जहां गेंदबाज उन्हें हाथ खोलने का मौका नहीं दे रहे।

ईशान किशन: मौका मिला और भुनाया

दूसरी ओर, ईशान किशन ने अपनी उपयोगिता साबित कर दी है। जब संजू फेल हुए, तो ईशान ने 32 गेंदों में 76 रनों की तूफानी पारी खेलकर मैच का रुख बदल दिया। उनका स्ट्राइक रेट और बेखौफ अंदाज टी20 प्रारूप की मांग के अनुरूप है। ऐसे में, किसी भी क्रिकेट प्रेमी के लिए यह समझना मुश्किल है कि फॉर्म में चल रहे बल्लेबाज को बाहर क्यों किया जाएगा?

वह ‘गजब समर्थन’ जिसने सबको चौंका दिया

यही इस कहानी का सबसे बड़ा ट्विस्ट है। संजू सैमसन के गिरते ग्राफ के बावजूद, उन्हें भारतीय क्रिकेट के कुछ सबसे सम्मानित नामों का अभूतपूर्व समर्थन (Amazing Support) मिला है।

पूर्व भारतीय कप्तान अजिंक्य रहाणे ने एक बेहद चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा, “अगर तिलक वर्मा की वापसी होती है, तो मेरे लिए ईशान किशन बाहर बैठेंगे। मैं संजू सैमसन का समर्थन करूंगा, भले ही वो अगले दो मैचों में भी रन न बनाएं।” रहाणे का तर्क है कि मैनेजमेंट को संजू की ‘क्लास’ पर भरोसा है और उन्हें असुरक्षित महसूस कराने के बजाय ‘लंबी रस्सी’ दी जानी चाहिए।

सिर्फ रहाणे ही नहीं, आर. अश्विन (R Ashwin) ने भी ‘म्यूजिकल चेयर्स’ (खिलाड़ियों को बार-बार बदलने) के खेल के खिलाफ चेतावनी दी है। अश्विन का मानना है कि संजू को एक स्पष्ट भूमिका दी गई थी और सिर्फ 2-3 मैचों के आधार पर उन्हें ड्रॉप करना ड्रेसिंग रूम के माहौल के लिए सही नहीं होगा।

तिलक वर्मा की वापसी: किसकी कटेगी छुट्टी?

टीम इंडिया के सामने असली पेंच तिलक वर्मा की चोट से वापसी है। तिलक वर्मा नंबर 3 या 4 के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी माने जा रहे हैं। उनके प्लेइंग 11 में आते ही, एक बल्लेबाज को बाहर जाना होगा।

गणित कुछ ऐसा बन रहा है:

1. संजू सैमसन: ओपनर (खराब फॉर्म, लेकिन मैनेजमेंट का भरोसा)।

2. ईशान किशन: विकेटकीपर-बल्लेबाज (शानदार फॉर्म, लेकिन टीम कॉम्बिनेशन में फिट होने की चुनौती)।

3. तिलक वर्मा: मध्यक्रम (वापसी तय)।

सूत्रों के मुताबिक, मैनेजमेंट संजू सैमसन को बतौर ओपनर बरकरार रखना चाहता है। इसका मतलब है कि तिलक वर्मा के लिए जगह बनाने की गाज ईशान किशन पर गिर सकती है, भले ही आंकड़े ईशान के पक्ष में हों। यह फैसला ‘फॉर्म’ पर ‘भरोसे’ की जीत जैसा होगा।

क्यों मिल रहा है संजू को इतना बैकअप?

मौजूदा टीम मैनेजमेंट (गौतम गंभीर और सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व में) का मानना है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए उन्हें ‘इम्पैक्ट प्लेयर्स’ चाहिए, न कि सिर्फ रन बनाने वाले। संजू के पास वो शॉट्स हैं जो किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त कर सकते हैं। मैनेजमेंट को डर है कि अगर अब संजू को ड्रॉप किया गया, तो उनका आत्मविश्वास पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

ईशान किशन को बाहर करके संजू सैमसन को खिलाना एक बड़ा जुआ (Gamble) साबित हो सकता है। अगर संजू अगले मैच में भी फेल होते हैं, तो यह ‘समर्थन’ मैनेजमेंट के गले की फांस बन जाएगा। वहीं, अगर वे एक बड़ी पारी खेल देते हैं, तो रहाणे और अश्विन का भरोसा सही साबित होगा।

फिलहाल, खबर यही है कि संजू सैमसन को लाइफलाइन मिल गई है, और शानदार प्रदर्शन के बावजूद ईशान किशन को कुर्बानी देनी पड़ सकती है। क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, और यह चयन प्रक्रिया इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।

Share this content:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *