बिहार सरकार ने राज्य प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से IAS 2022 बैच के पांच अधिकारियों को संयुक्त सचिव (Joint Secretary) पद पर पदोन्नत किया है। यह निर्णय राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के माध्यम से लिया गया। यह प्रमोशन 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा।इस कदम को प्रशासनिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि नए और ऊर्जावान IAS अधिकारियों को वरिष्ठ पदों पर जिम्मेदारी देना न केवल प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाएगा बल्कि जिलों में नीति क्रियान्वयन की स्थिति में भी सुधार लाएगा।

नये जॉइंट सेक्रेटरी की भूमिका और जिम्मेदारियाँ

संयुक्त सचिव पद, राज्य प्रशासन में एक अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वाला पद होता है। यह अधिकारी विभागीय नीतियों के क्रियान्वयन, फाइल अनुमोदन, वित्तीय निर्णयों, और जिला प्रशासन के समन्वय में अहम भूमिका निभाते हैं।IAS 2022 बैच के इन पांच अधिकारियों को अब विशेष विभागों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी — जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्त, ग्रामीण विकास और शहरी विकास जैसी प्रमुख शाखाएँ शामिल हो सकती हैं।सरकार से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “युवा प्रशासनिक अधिकारियों को उच्च पदों पर लाना सरकार की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है ताकि प्रशासनिक व्यवस्था और नीति निष्पादन तेजी से हो सके।

पटना सहित प्रमुख जिलों में होगी तैनाती

सूत्रों के अनुसार, प्रमोशन पाए अधिकारियों की तैनाती पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर जैसे प्रमुख जिलों में की जाएगी। इनमें से दो अधिकारी सचिवालय में कार्यरत रहेंगे, जबकि बाकी जिलों में डीएम स्तर के सहायक प्रशासनिक कार्य संभालेंगे।यह तैनाती इस बात को संकेत देती है कि सरकार आने वाले वित्तीय वर्ष में विकास योजनाओं को गति देने के लिए प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करना चाहती है।

प्रशासनिक फेरबदल से क्या होंगे प्रभाव?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव बिहार की प्रशासनिक दक्षता पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा। IAS 2022 बैच के अधिकारी अब तक जिला स्तर पर फील्ड में कार्य कर रहे थे। उनके पास जमीनी अनुभव और लोकसंपर्क का व्यापक ज्ञान है, जो नीति क्षेत्र में काम आते समय बेहद उपयोगी साबित होगा।इन पदोन्नतियों से विभागीय नीति निर्माण, परियोजना मूल्यांकन और सरकारी योजनाओं के मॉनिटरिंग तंत्र को और सशक्त बनाया जा सकेगा।

बिहार सरकार पिछले कुछ वर्षों से युवा अफसरों को जिम्मेदारियों के बड़े पद देने पर जोर देती आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मुख्य सचिवालय ने कई मौकों पर यह कहा है कि “नई सोच और नए विजन के साथ प्रशासनिक व्यवस्था में परिवर्तन जरूरी है।”IAS 2022 बैच के ये अधिकारी अपने चयन के बाद से ही विभिन्न विभागों में कार्यरत रहे हैं और उन्होंने अपने कार्यकाल में प्रभावशाली प्रदर्शन दिखाया है। सरकार ने उनकी निष्ठा और प्रदर्शन को देखते हुए इन्हें प्रमोशन देने का निर्णय लिया है।

पदोन्नति प्रक्रिया और वरिष्ठता मानदंड

IAS अधिकारियों की पदोन्नति केंद्रीय सेवा नियम 1954 और राज्य सेवा संशोधन अधिनियम के तहत की जाती है। पदोन्नति के लिए अधिकारी का कार्य प्रदर्शन, वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR), नेतृत्व क्षमता और विभागीय समीक्षा को प्रमुख आधार माना जाता है।2022 बैच के इन 5 अधिकारियों को 2025 के मध्य में समीक्षा सूची में शामिल किया गया था। समीक्षा समिति ने इनके कार्य और दक्षता को देखते हुए इन्हें जॉइंट सेक्रेटरी के पद के योग्य माना।

राज्य सरकार को उम्मीद है कि इन नियुक्तियों से बिहार में “गुड गवर्नेंस” (सुशासन) की दिशा में ठोस परिणाम दिखाई देंगे। संयुक्त सचिव के स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी।विशेष रूप से शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में इन नए अधिकारियों के जुड़ने से नीति क्रियान्वयन और निगरानी प्रणाली को मजबूती मिलने की संभावना है।सामान्य प्रशासन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, “यह प्रमोशन राज्य प्रशासन में एक नई ऊर्जा का संचार करेगा। इन पांच अधिकारियों का चयन पूरी तरह मेरिट आधारित है और इनसे सरकार को बड़ी अपेक्षा है।

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